ब्रेकिंग

आईएफएफआई सभी फिल्म महोत्‍सवों का मास्‍टर-पीस है: जॉर्जेस डुपॉन्ट

आईएफएफआई सभी फिल्म महोत्‍सवों का मास्‍टर-पीस है: जॉर्जेस डुपॉन्ट

By : Binod Jha
Dec 01, 2018
5

आईसीएफटी दुनिया भर के प्रमुख फिल्म महोत्‍सवों में शामिल हुआ है लेकिन गोवा सभी फिल्म महोत्‍सवों का मास्टर-पीस है। यह बात इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्‍म टेलीविजन एंड ऑडियोविजुअल कम्‍युनिकेशन (आईसीएफटी) के डीजी और आईसीएफटी यूनेस्‍को गांधी मेडल के जूरी सदस्‍य श्री जॉर्जेस डुपॉन्ट ने आईएफएफआई में कही। उन्‍होंने कहा कि आईसीएफटी कान जैसे महोत्‍सवों में युवा फिल्‍म निर्माताओं के लिए जगह हासिल करने के लिए काफी कोशिश कर रहा है। श्री डुपॉन्ट आज गोवा में आयोजित 49वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान आज भारत एवं पड़ोसी देशों के लिए क्षेत्रीय प्रतिनिधि और यूनेस्को के निदेशक श्री एरिक फाल्ट के साथ मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए श्री डुपॉन्‍ट ने कहा कि आईसीएफटी यूनेस्को गांधी मेडल अनुभाग में फिल्मों के चयन के लिए मानदंड काफी कठिन हैं क्योंकि उन्हें शांति, एकता एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे यूनेस्‍को के उद्देश्‍यों को पूरा करना होता है और फिल्में विभिन्न मूलों एवं संस्कृतियों से आती हैं। उन्‍होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय स्‍तर पर प्रतिष्ठित फिल्म आलोचकों को इस चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। फिल्मों को भारत में शॉटलिस्‍ट किया जाता है और जूरी को दिखाने के लिए उन्‍हें पेरिस ले जाया गया। उसके बाद इंटरनेट के माध्यम से सभी वह सदस्यों को वितरित किया गया। सदस्य अपनी सुविधा के अनुसार अपना होमवर्क करते हैं और निर्णय तक पहुंचने के लिए अपने नोट्स पर चर्चा करते हैं। इस वर्ष मेडल के लिए फिल्मों के चयन के मानदंडों में विस्‍तार किया गया है। इस साल रजत पुरस्कार दिया जाएगा क्योंकि हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं।'

आईएफएफआई सभी फिल्म महोत्‍सवों का मास्‍टर-पीस है: जॉर्जेस डुपॉन्ट

एक सवाल के जवाब में  एरिक फाल्ट ने कहा कि दुनिया में किसी अन्‍य जगह के मुकाबले भारत सबसे जीवंत फिल्म उद्योग है। आईएफएफआई के साथ जुड़े होने से यूनेस्‍को खुश और गौरवान्वित है। शांति, एकता एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के संवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए  फॉल्ट ने कहा कि यूनेस्को विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक मुद्दों के समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और फिल्म उद्योग के बीच संवाद को बढ़ावा देता है।
आईएफएफआई यूनेस्को गांधी मेडल सहित एक विशेष आईसीएफटी पुरस्कार देने के लिए इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्‍म टेलीविजन एंड ऑडियोविजुअल कम्‍युनिकेशन (आईसीएफटी) पेरिस के साथ मिलकर काम करता है। आईसीएफटी की स्‍थापना 1956 में हुई थी और वह यूनेस्को का आधिकारिक साझेदार है। यह एक ऐसा गैर-सरकारी संगठन है जिसका लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले ऑडियो-विजुअल, विशेष तौर पर युवा कलाकारों के मीडिया उद्यम, के उत्‍पादन एवं वितरण को प्रोत्‍साहित करना है।

यूनेस्को ने 1994 में महात्मा गांधी की जयंती की 125वीं वर्षगांठ की याद में स्मारक पदक जारी किया था। तब से आईसीएफटी यूनेस्को गांधी पुरस्कार ऐसी  फिल्म को दिया जाता रहा है जो महात्मा गांधी के शांति, सहिष्णुता और अहिंसा के आदर्शों को बेहतरीन तरीके से दर्शाती है। इस वर्ष 12 फिल्में इस पुरस्कार के लिए कतार में हैं। विजेता की घोषणा 28 नवंबर को महोत्सव के समापन समारोह में की जाएगी। इन 12 फिल्मों में से दो भारतीय हैं जबकि शेष विदेशी।

आईएफएफआई सभी फिल्म महोत्‍सवों का मास्‍टर-पीस है: जॉर्जेस डुपॉन्ट

प्रतिष्ठित आईसीएफटी यूनेस्को गांधी मेडल के लिए नामांकित भारतीय फिल्मों में 'वॉकिंग विद द विंड' और 'बाराम' शामिल हैं। इस कतार में मौजूद विदेशी फिल्में हैं: बॉर्डर, केपरनाउम, डोवलाटोव, लाफ एंड डाई, लॉस साइलेंसियस, रेन ऑफ होम्स, द इंटरप्रेटर , द मर्सी ऑफ द जंगल, द रिब और द साइलेंट रिवॉल्‍यूशन।
जॉर्जेस डुपॉन्ट संचार विशेषज्ञ एवं यूनेस्को, लक्समबर्ग के नेशनल कमीशन के सदस्‍य हैं और वर्तमान में वह आईसीएफटी के डीजी के पद पर कार्यरत हैं।

एरिक फाल्ट संयुक्त राष्ट्र में एक वरिष्ठ फ्रांसिसी अधिकारी है। वर्तमान में वह यूनेस्‍को के निदेशक और बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल एवं श्रीलंका को कवर करने वाले क्षेत्र के लिए प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले 2010 से 2018 तक वह पेरिस स्थित यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल, साइंटिफिक एंड कल्‍चरल ऑर्गेनाइजेशन (यूनेस्को) में सहायक महासचिव (एएसी) रैंक के साथ सहायक महानिदेशक (बाहरी संबंध एवं सार्वजनिक सूचना) पद पर कार्यरत थे।



Tags:
leave a comment



आज का पोल