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चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा

चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा 'चुनाव आयोग'

By : Binod Jha
Oct 02, 2019
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दिल्ली -  भारत निर्वाचन आयोग के राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों और एसवीईईपी नोडल अधिकारी के लिए चुनावी साक्षरता क्लबों (ईएलसी) पर तीसरे 2-दिवसीय कार्यशाला की शुरूआत 30 सितंबर, 2019 को आईआईआईडीईएम (IIIDEM) परिसर, नई दिल्ली में की गई। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद, ईएलसी के प्रभावी संस्थापन और काम-काज के साथ-साथ आगे बढ़ने की दिशा में रणनीति बनाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार के दो कार्यशालाओं का आयोजन 23-24 और 26-27 सितंबर, 2019 को किया जा चुका है।

मुख्य चुनाव आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने ईएलसी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें कार्यशालाओं में आयोजित किए गए ईएलसी गतिविधियों को ईएलसी संसाधनों के साथ आयोग को दिखाया गया। इसके बाद, कार्यशाला के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त, श्री सुनील अरोड़ा ने कहा, “हमें एक ऐतिहासिक मतदान प्राप्त करने के बावजूद, और अधिक पाने का प्रयास करना चाहिए और सभी समुदायों के लोगों को संवेदनशील बनाने और उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर और समर्पित प्रयास करना चाहिए।“

चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा

प्रतिभागियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “आप सभी चुनाव आयोग के एसवीईईपी कार्यक्रम के ईंट और मसाले हैं। इस विशालकाय प्रयास का हिस्सा बनने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस क्षेत्र पर ईएलसी परियोजना के अग्रणी बनें और यह सुनिश्चित करें कि अमिट स्याही की शक्ति सभी लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।” इस अवसर पर उप चुनाव आयुक्त, श्री उमेश सिन्हा और आईआईआईडीईएम (IIIDEM) के महानिदेशक, श्री धर्मेन्द्र शर्मा के साथ-साथ भारतीय चुनाव आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजुद थे।

ईएलसी परियोजना पर जानकारी देते हुए, उप चुनाव आयुक्त, श्री उमेश सिन्हा ने एक मजबूत आधारशिला रखने के महत्व पर बल दिया, उन्होंने कहा कि "जब तक आपके पास एक उचित जड़ मौजुद नहीं है, तब तक घास आगे नहीं बढ़ेगी।" उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र को अधिक मजबूत बनाने के लिए, हमारा उद्देश्य सभी पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना है और यह सुनिश्चित करना है कि यह शतप्रतिशत त्रुटि मुक्त हो। मतदाता शिक्षा का मुख्य उद्देश्य, मतदाताओं को सूचित करना, उन्हें नैतिक बनाना और उनकी भागीदारी को बढ़ाने में मदद करना है। उन्होंने आगे कहा कि ईएलसी परियोजना को सभी स्कूलों, कॉलेजों, समुदायों, संगठनों आदि तक पहुंचकर इसे एक मजबूत आंदोलन और गतिशील बनाने की आवश्यकता है।

चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा

श्री सिन्हा ने आगे कहा कि चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा और इसके माध्यम से हम ‘’कोई मतदाता छुट ना जाए” के उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं।

इसके सर्वोत्कृष्ट कार्यक्रम, 'सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिशिपेशन' (एसवीईईपी) के अंतर्गत, शैक्षिक संस्थानों/ संगठनों के माध्यम से चुनावी साक्षरता को मुख्य विषय बनाने के लिए परियोजना की शुरुआत की गई, जो कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान और प्रत्येक बूथ पर चुनावी साक्षरता क्लब की स्थापना की परिकल्पना करती है, जिसके अंतर्गत औपचारिक शिक्षा प्रणाली से बाहर के लोगों को शामिल किया जा सके। ईएलसी की शुरूआत 8 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर 25 जनवरी, 2018 को की गई, जो कि अनुभव के आधार पर, चुनावी भागीदारी की संस्कृति को विकसित करने और उसे मजबूती प्रदान करने के लिए चुनावी साक्षरता का एक जीवंत केंद्र के रूप में काम करेगा। अब तक पूरे देश में 5,80,620 ईएलसी स्थापित किए जा चुके हैं।

यह पूरी परियोजना युवाओं और भविष्य के मतदाताओं के लिए सह-पाठयक्रम और पाठ्येतर तरीकों के माध्यम से मतदाता शिक्षा को प्रासंगिक और व्यावहारिक बनाए रखने के आसपास घूमती है। ईएलसी और चुनाव पाठशाला गतिविधियों का आयोजन संयोजक द्वारा एक संसाधन गाइड का उपयोग करके किया जाता है, जहां पर प्रत्येक गतिविधियों के संचालन के लिए चरणबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।

चुनावी साक्षरता क्लब दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी साक्षरता आंदोलन होगा

कक्षा 9 वीं से 12 वीं, कॉलेजों और समुदायों के लिए अलग संसाधन पुस्तकें विकसित की गई हैं। पूरे एक वर्ष की गतिविधियों का एक कैलेंडर भी जारी किया गया है। सभी श्रेणियों के लिए, 6-8 गतिविधियां को, विशिष्ट शिक्षण परिणाम के साथ, लगभग 4 घंटों चलाए जाने की पहचान की जा चुकी है।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को ईएलसी गतिविधियों के लिए पुनश्चर्या प्रदान करना है जिससे कि वे बाद में होने वाले प्रशिक्षणों के लिए अपनी तैयारी को सुनिश्चित कर सकें, जिसे वे जिला स्तरीय मास्टर प्रशिक्षकों के साथ संचालित कर सकेंगें। आयोग का प्रयास ईएलसी परियोजना को चिरस्थायी बनाना और 1.5 मिलियन ईएलसी की स्थापना 2 लाख माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, 27 हजार कॉलेजों और विश्वविद्यालयों और 1 मिलियन मतदान केंद्रों में करने का अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है।



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