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शारीरिक माप के आधार पर रेडी-टू-वियर उद्योग

शारीरिक माप के आधार पर रेडी-टू-वियर उद्योग

By : Binod Jha
Dec 25, 2018
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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट),वस्त्र मंत्री से प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले एनआईएफटी के छात्र इंडियासाइज नामक एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण नई दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) है।
  जो की इस इंस्टीट्यूट के द्वारा भारतीय जनसंख्या के लिए शारीरिक माप के आधार पर रेडी-टू-वियर उद्योग के लिए एक व्यापक आकार चार्ट को विकसित करने के लिए किया जाएगा। यह एक वैज्ञानिक अभ्यास है जहां पर 15 वर्ष से लेकर 65 वर्ष की आयु वाले लोगों के एक नमूना जनसंख्या का मानवशास्त्रीय डाटा एकत्र किया जाएगा जिससे कि माप का एक डेटाबेस तैयार किया जा सके, जिसका परिणाम एक मानकीकृत आकार चार्ट होगा जो कि भारतीय आबादी का प्रतिनिधि है और इसे परिधान उद्योग द्वारा भी अपनाया जा सकता है। यह सर्वेक्षण पैन देश में 3 डी तकनीक का उपयोग कर सुरक्षित तरीके से पूरे शरीर को स्कैन करके सांख्यिकीय रूप से प्रासंगिक शरीर माप लेने और एकत्रित डेटा का विश्लेषण करने का एक गैर-संपर्क तरीका है।

इस परियोजना में देश के 6 क्षेत्रों के 6 शहरों में 25,000 पुरुष और महिला भारतीयों की माप की जाएगी: कोलकाता (पूर्व), मुंबई (पश्चिम), नई दिल्ली (उत्तर), हैदराबाद (मध्य भारत), बेंगलुरु (दक्षिण) और शिलांग (उत्तर पूर्व)। 3 डी संपूर्ण बॉडी स्कैनर का उपयोग करके, कंप्यूटर एक स्कैन से सैकड़ों माप निकाल लेंगे। इस परियोजना के एक हिस्से के रूप में बनाया गया डेटा गोपनीय और सुरक्षित होगा। परियोजना की अवधि प्रारंभ होने की तारीख से लगभग दो वर्ष की होगी।

शारीरिक माप के आधार पर रेडी-टू-वियर उद्योग

मानकीकृत आकार चार्ट के अभाव में अच्छे प्रकार की फिटिंग वाली वस्त्र को प्रदान करना घरेलू कपड़ा और परिधान उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है, जिसका 2021 तक 123 बिलियन अमरीकी डालर तक पहुंचने का अनुमान है और जो परिधान आयात में 5 वां स्थान रखता है।

 दुकानदारों का एक बड़ा वर्ग उन कपड़ों को खोजने में कठिनाईयों का सामना करता है जो लोगों के शरीर के माप के अनुसार पूरी तरह से फिट बैठते हैं। इसका कारण देश भर के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में लोगों के बीच मानवशास्त्रीय अंतर है। अब तक 14 देशों ने सफलतापूर्वक राष्ट्रीय माप सर्वेक्षण पूरा कर लिया है जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, यूके, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, कोरिया, चीन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं।

भारतीय परिधान उद्योग उस आकार चार्ट का उपयोग करता है जो कि अन्य देशों के आकार चार्टों का संस्करण हैं, इसलिए कपड़ों का रिटर्न 20 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक है और यह ई-कॉमर्स के वृद्धि के साथ बढ़ रहा है और रिटर्न का मुख्य कारण परिधान की खराब फिटिंग है।

इस अध्ययन की प्राप्ति से विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वचालित, अंतरिक्ष, फिटनेस और खेल, कला और कंप्यूटर गेमिंग प्रभावित होंगे जहां इस डेटा के माध्यम से अंतर्दृष्टि एर्गोनोमिक रूप से डिज़ाइन किए गए उत्पादों का उत्पादन किया जा सकता है जो कि भारतीय आबादी के लिए अनुकूल हैं।



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